नमस्ते यूपी के गन्ना किसान भाइयों और बहनों! उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग ने सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ी सौगात दी है। गन्ने के साथ दलहनी या तिलहनी फसल बोने पर किसानों को 9,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान मिल रहा है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत आता है, जो गन्ना पर्ची और आपूर्ति करने वाले किसानों के लिए खास राहत है। अगर आप गन्ना बो रहे हैं तो इस अनुदान का फायदा जरूर उठाएं – अब बल्ले-बल्ले का समय है!
अनुदान कितना मिलेगा?
गन्ना विभाग ने सहफसली खेती (इंटरक्रॉपिंग) के लिए 9,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान किया है। यह अनुदान दलहनी (दालें) या तिलहनी (तेल बीज) फसलों के साथ गन्ना बोने पर मिलता है। साथ ही, कृषि रक्षा रसायन और बायो एजेंट्स के उपयोग पर अलग से मदद मिलती है।
- न्यूनतम प्लॉट साइज 0.2 हेक्टेयर रखा गया है
- इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और अतिरिक्त फसल से कमाई दोगुनी होगी
कब और कैसे मिलेगा अनुदान?
यह अनुदान 2025-26 पेराई सीजन के लिए लागू है। गन्ना विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत करोड़ों रुपये अवमुक्त किए हैं। सहफसली बोने वाले किसानों को DBT से सीधे खाते में पैसा आएगा। गन्ना पर्ची कैलेंडर जारी होने के साथ ही यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। caneup.in पर रजिस्ट्रेशन और सर्वे के बाद अनुदान मिलेगा।
किसानों को कितना फायदा?
गन्ने के साथ मूंग, उड़द, सरसों या सोयाबीन जैसी फसल बोने से एक तरफ गन्ने की पैदावार अच्छी रहती है, दूसरी तरफ अतिरिक्त कमाई। 9,000 रुपये अनुदान से इनपुट कॉस्ट कम हो जाएगी। पिछले सालों में हजारों किसानों को यह फायदा मिला, अब 2026 में और ज्यादा क्षेत्र कवर होगा।
- महिला सहायक समूहों को सिंगल बड चिप से बीज उत्पादन पर अलग अनुदान
- माइक्रोन्यूट्रिएंट्स वितरण पर भी हजारों रुपये की मदद
आवेदन कैसे करें?
अनुदान लेना आसान है। caneup.in पोर्टल पर जाएं या नजदीकी गन्ना समिति/चीनी मिल में संपर्क करें। स्टेप बाय स्टेप:
- caneup.in पर लॉगिन करें या नया रजिस्ट्रेशन करें
- गन्ना सर्वे और पर्ची डिटेल्स अपडेट करें
- सहफसली फसल की जानकारी दर्ज करें
- कृषि विभाग या गन्ना निरीक्षक से सत्यापन करवाएं
- अनुदान DBT से खाते में आएगा
अगर पर्ची में समस्या हो तो हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर कॉल करें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अनुदान?
गन्ना किसानों को अक्सर सिंगल क्रॉप की वजह से मिट्टी खराब और कमाई कम की समस्या रहती है। यह 9,000 रुपये अनुदान सहफसली को प्रमोट करता है, जो मिट्टी सुधारता है और आय बढ़ाता है। सरकार का यह कदम गन्ना बेल्ट के किसानों के लिए बड़ा सहारा है। गन्ना पर्ची के साथ यह अनुदान मिलकर बल्ले-बल्ले कर देगा।
गन्ना विभाग का 9,000 रुपये अनुदान सहफसली खेती करने वाले किसानों के लिए सच्ची खुशखबरी है। गन्ना पर्ची लेते समय सहफसली बोएं और अनुदान का फायदा उठाएं। इससे न सिर्फ गन्ने की पैदावार बढ़ेगी बल्कि अतिरिक्त कमाई भी होगी। सरकार किसान हित में ऐसे कदम उठा रही है – आज ही प्लानिंग शुरू करें। जय जवान, जय किसान!



